BANKELAL MUKKADAR KA DHANI – RC 0144

BANKELAL MUKKADAR KA DHANI – RC 0144

विशालगढ़ में मचा था चोरों का आतंक। सारे नगरसेठ हो रहे थे तेजी से कंगाल। राजा विक्रमसिंह ने बांके को दिया चोरों का पकड़ने का जिम्मा। तब बांके ने बनाई विशालगढ़ से खिसकने की योजना। लेकिन चोर पकड़े गए और बांके कहलाया मुकद्दर का धनी। अभी वो संतोष की सांस भी नहीं ले पाया था कि विक्रम ने उसे भेज दिया शीतलगढ़ जहां की राजकुमारी को दस सींगों वाला राक्षस उठा ले गया। तो क्या वाकई बांकेलाल था मुकद्दर का धनी?

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