NAGRAJ AUR KAALDOOT – RC 0200

NAGRAJ AUR KAALDOOT – RC 0200

Description नागद्वीप पर फैले आतंक से नागद्वीपवासियों की रक्षा के लिए आया उनका सम्राट नागराज। लेकिन नागराज ने भूलवश भंग कर दी अमरयोधा महात्मा कालदूत की तपस्या और जगा दिया उनके क्रोध की ज्वाला को। और महात्मा कालदूत की साधना को भंग करने का एक ही दंड है! मृत्युदंड|

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